शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ विष्णवे नमः।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
विष्णु के समान संसार का पालन करने वाले भैरव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्व-भय नाश व मोक्ष
विस्तृत लाभ
सर्व-भय नाश व मोक्ष
जप काल
बिल्व पत्र या पुष्प अर्पण
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
समागच्छ महालक्ष्मि! धन्यधान्यसमन्विते! प्रसीद पुरतः स्थित्वा प्रणतं मां विलोकय॥
ॐ शचीमाङ्गल्यरक्षकाय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः इति दिग्बन्धः॥
तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
इतो नृसिंहः परतो नृसिंहो यतो यतो यामि ततो नृसिंहः। बहिर्नृसिंहो हृदये नृसिंहो नृसिंहमादिं शरणं प्रपद्ये॥
ॐ गोकुलेन्द्राय नमः