शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विस्तीर्णेन्द्रियात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपइन्द्रियों की विस्तृत आत्मा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त इन्द्रियों की विस्तृत और व्यापक आत्मा हैं, उन भगवान राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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