शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ अधोक्षजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपइंद्रियातीत स्वरूप
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कुञ्जविहारिण्यै नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ प्रतापनाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
ॐ सर्वनेत्रे नमः
ॐ अनेकायुधयुक्ताय नमः।