भव रुद्र मंत्र
ॐ भवोद्भव सम्भवाय इष्ट दर्शन ॐ सं ॐ नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो उत्पत्ति के कारण हैं, उन भव रुद्र को नमस्कार है, मुझे मेरे इष्ट का दर्शन प्राप्त हो।
इस मंत्र से क्या होगा?
इष्ट देव के प्रत्यक्ष दर्शन और सर्वोच्च आध्यात्मिक जागरण
विस्तृत लाभ
इष्ट देव के प्रत्यक्ष दर्शन और सर्वोच्च आध्यात्मिक जागरण 25।
जप काल
गहन ध्यान (Deep Meditation) के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पिङ्गलाय नमः
ॐ सौम्याय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
त्वं गुणत्रयातीतः ॥ त्वं देहत्रयातीतः ॥ त्वं कालत्रयातीतः ॥ त्वं मूलाधारस्थितोऽसि नित्यम् ॥ त्वं शक्तित्रयात्मकः ॥ त्वां योगिनो ध्यायन्ति नित्यम् ॥
ॐ कौलिकप्रियकारिण्यै नमः
ॐ पुण्डरीकशुभावहाय नमः