शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ धनुर्वेदाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपधनुर्वेद रचयिता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो साक्षात् धनुर्वेद (शस्त्र-शास्त्र) के ज्ञाता और प्रवर्तक हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
युद्ध कौशल
विस्तृत लाभ
युद्ध कौशल
जप काल
शस्त्र अभ्यास
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥ 17
कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ कृष्णप्रियायै नमः
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
नमस्ते शारदे देवि काश्मीरपुरवासिनि। त्वामहं प्रार्थये नित्यं विद्यादानं च देहि मे॥
स्थलेषु मायावटुवामनोऽव्यात् त्रिविक्रमः खेऽवतु विश्वरूपः