शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ दुर्गदैत्यलोकदवानलायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दुर्जेय दैत्यों के लोक को भस्म करने के लिए दावानल (जंगल की आग) के समान हैं।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अमितमायाय नमः
ईशानः सर्वविद्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रह्माधिपतिर्ब्रह्मणोऽधिपतिर्ब्रह्मा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम्॥
ॐ शान्तिदाय नमः।
ॐ विक्रान्तायै नमः
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा
ॐ श्रीमन्मन्दकटाक्षलब्धविभवब्रह्मेन्द्रगङ्गाधरां, त्वां त्रैलोक्यकुटुम्बिनीं सरसिजां वन्दे मुकुन्दप्रियाम्॥