शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ द्वारकानायकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपद्वारकाधीश
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
द्वारका के नायक (द्वारकाधीश) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
राज-कृपा एवं वैभव
विस्तृत लाभ
राज-कृपा एवं वैभव
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
कवचस्यास्य जापी तु ब्रह्मज्ञानं च विन्दति। इत्येतदुक्तं कवचं मया हैहयविद्विषः॥
ॐ वराभयकराम्बुजाय नमः
ॐ षण्मुखाय नमः
ॐ कादम्बिन्यै नमः
ॐ रुक्मिण्यै नमः
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।