शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
लक्ष्मी पूर्ति मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं महालक्ष्मि मम गृहे धनं पूरय पूरय स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे महालक्ष्मी! मेरे घर में धन परिपूर्ण करें।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर के भंडार कभी खाली न हों
विस्तृत लाभ
घर के भंडार कभी खाली न हों।
जप काल
अन्न के भंडार में बैठकर जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सहस्रहस्तायै नमः
ॐ प्रीतिवर्धनाय नमः।
षडाननं चन्दनलेपिताङ्गं महोरसं दिव्यमयूरवाहनम् । रुद्रस्य सूनुं सुरलोकनाथं ब्रह्मण्यदेवं शरणं प्रपद्ये ॥
ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
ॐ सुमित्रापुत्रसेविताय नमः