माँ सरस्वती मंत्र
ॐ कमलालयामध्यस्थायै नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
कमल के बिल्कुल मध्य भाग में प्रतिष्ठित रहने वाली।
इस मंत्र से क्या होगा?
आज्ञा चक्र या अनाहत चक्र में देवी का ध्यान केंद्रित होना
विस्तृत लाभ
आज्ञा चक्र या अनाहत चक्र में देवी का ध्यान केंद्रित होना।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ प्रत्यक्षलक्ष्म्यै नमः
ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीपार्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ ह्रः ॐ सौं ॐ वैं ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीजयजय चण्डिकायै नमः। ॐ स्वीं स्वीं विध्वंसय विध्वंसय ॐ प्लूं प्लूं प्लावय प्लावय... (अति विस्तृत तांत्रिक शृंखला)... ॐ चामुण्डायै विच्चे स्वाहा। मम सकल मनोरथं देहि देहि, सर्वोपद्रवं निवारय निवारय... भञ्जय भञ्जय ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं स्वाहा॥
ॐ दयानिधये नमः
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥