शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ कमलामखलोलाक्षाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचंचल-नयन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कमल-समान चंचल नेत्रों वाले भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला और सौन्दर्य प्राप्ति
विस्तृत लाभ
कला और सौन्दर्य प्राप्ति
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
महेन्द्रे वै गिरिश्रेष्ठे रामं नित्यम् उपासते। ऋषयो वेदविदुषो गन्धर्वाप्सरसस्तथा॥
ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥ 16
पवन तनय बल पवन समाना। (यह हनुमान जी की शक्ति का आह्वान कर न्याय प्राप्त करने हेतु है)।
तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥
ॐ अमितमायाय नमः
ॐ उग्रसिंहाय नमः