शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ कपालचक्ररूपायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
स्वयं कपाल-चक्र का साक्षात् रूप धारण करने वाली।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
त्वमेव माता च पिता त्वमेव, त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव
ॐ कंसमोहाय नमः
तप्तकाञ्चन संकाशश्चाष्टहस्तो महातनुः । दीप्ताङ्कुशं शरं चाक्षं दन्तं दक्षे वहन् करैः ॥ वामे पाशं कार्मुकं च लतां जम्बू दधत् करैः । रक्तांशुकः सदा भूयाद् दुर्गागणपतिर्मुदे ॥
ॐ अनादिरासेश्वर्यै नमः
ॐ रविचन्द्राग्निलोचनाय नमः
ॐ लोकसुन्दर्यै नमः