शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ काशीश्वर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पवित्र नगरी काशी (वाराणसी) की सर्वोच्च अधीश्वरी देवी।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वाराणसी तीर्थ का पुण्य और शिव-सान्निध्य
विस्तृत लाभ
वाराणसी तीर्थ का पुण्य और शिव-सान्निध्य।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये सप्तव्याहृतिः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ भीमसेनसहायकृते नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
अहं निर्विकल्पो निराकाररूपो... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं।
ॐ उज्जृम्भाय नमः