शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ कुमार्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपकौमारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सदा कुंवारी/शुद्ध
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चित्त की पवित्रता और साधना में निष्ठा
विस्तृत लाभ
चित्त की पवित्रता और साधना में निष्ठा
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शतकान्ठमदापहर्त्रे नमः
ॐ जितक्रोधाय नमः
ॐ वश्याद्यष्टक्रियाप्रदाय नमः
ॐ शुक्लमाल्याम्बरायै नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ कुलपद्मिन्यै नमः