माँ सरस्वती मंत्र
मङ्गलम् भगवान विष्णुः मङ्गलम् गरुणध्वजः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
भगवान विष्णु मंगलमय हैं, गरुड़ को ध्वजा पर धारण करने वाले मंगलमय हैं, पुंडरीकाक्ष मंगलमय हैं; भगवान हरि सर्वत्र मंगल करने वाले हैं।
इस मंत्र से क्या होगा?
किसी भी नए कार्य के आरंभ में शुभता की प्राप्ति और विघ्नों का समूल नाश
विस्तृत लाभ
किसी भी नए कार्य के आरंभ में शुभता की प्राप्ति और विघ्नों का समूल नाश 54।
जप काल
विवाह, गृह प्रवेश या किसी भी मांगलिक कार्य से पहले।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
ॐ कृष्णप्रेममय्यै राधायै नमः
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं । श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालाय गोलोक सुन्दराय सत्याय नित्याय परमात्मने पराय वैखानसाय विराजमूर्तये मेघात्मने श्रीम नरसिंहवपुषे नमः
राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥
ॐ मेरुरूपिण्यै नमः
ॐ जनार्दनाय नमः