ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

सहस्राक्ष मंत्र

नमो अस्तु नीलग्रीवाय सहस्राक्षाय मीढुषे। अथो ये अस्य सत्त्वानोऽहं तेभ्योऽकरं नमः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक स्तुति मंत्र
स्वरूपसहस्राक्ष नीलग्रीव शिव
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

सहस्र (हजार) नेत्रों वाले और कल्याण करने वाले नीलकंठ भगवान को नमन है। उनके जो गण/अनुचर हैं, उन्हें भी मेरा नमन है 41।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

विष (नकारात्मकता), रोग और अवसाद का शमन, और शिव गणों की कृपा प्राप्ति

विस्तृत लाभ

विष (नकारात्मकता), रोग और अवसाद का शमन, और शिव गणों की कृपा प्राप्ति 37।

जप काल

प्रदोष काल।

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