सर्व-कार्य सिद्धि शाबर मंत्र
पाँचों त्रिशेम चलें, लांगुरिया सलार चलें। भीम की गदा चले, हनुमान की हाँक चले। नाहर की धाक चलै, नहीं चलै, तो हजरत सुलेमान के तखत की दुहाई है। एक लाख अस्सी हजार पीर व पैगम्बरों की दुहाई है। चलो मन्त्र, ईश्वर वाचा। गुरु का शब्द साँचा।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र से क्या होगा?
असंभव कार्यों को संभव बनाने और रुके हुए सरकारी या व्यक्तिगत कार्यों को गति देने के लिए
विस्तृत लाभ
असंभव कार्यों को संभव बनाने और रुके हुए सरकारी या व्यक्तिगत कार्यों को गति देने के लिए 47।
जप काल
शुक्ल-पक्ष के सोमवार या मङ्गलवार से प्रारम्भ कर नित्य 108 बार 47।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अशोकवृक्षवल्लरीवितानमण्डपस्थिते प्रवालबालपल्लवप्रभारुणाङ्घ्रिकोमले। वराभयस्फुरत्करे प्रभूतसम्पदालये कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
शब्दब्रह्मसमुद्रश्च सिद्धः सारस्वतो गुहः । सनत्कुमारो भगवान् भोगमोक्षफलप्रदः ॥
ॐ कामराजाय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद सर्वसौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।
ॐ चतुर्दंष्ट्राय नमः
ॐ कालरात्र्यै नमः