शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ परमेष्ठिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपसर्वोच्च
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सर्वोच्च स्थान (परमेष्ठी) पर विराजमान देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पद-प्रतिष्ठा और समाज में सर्वोच्च स्थान
विस्तृत लाभ
पद-प्रतिष्ठा और समाज में सर्वोच्च स्थान।
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ॐ उदाराङ्गायै नमः
ॐ गदाधराय नमः
पंचास्यमच्युतमनेकविचित्रवीर्यं श्रीशंखचक्ररमणीयभुजाग्रदेशम्। पीताम्बरं मकरकुण्डलनूपुराङ्गं ध्यायेतितं कपिवरं हृदि भावयामि॥
ॐ तत्सत् भूर्भुवः स्वः तस्मै परब्रह्मणे नमः (गोपाल-तापनी में विभिन्न वर्णनों के साथ प्रयुक्त)
सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ प्रभायै नमः