शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ प्रद्युम्नाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतृतीय व्यूह मंत्र
स्वरूपऐश्वर्य और वीर्य के अधिपति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मैं ऐश्वर्य और वीर्य से युक्त प्रद्युम्न को नमन करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास
विस्तृत लाभ
मनोबल (Mind/Manas), संप्रभुता और रचनात्मकता का विकास 39।
जप काल
इच्छा शक्ति की प्रबलता हेतु।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिगुणायै नमः
ॐ क्रोड (वराह) नरसिंहाय नमः
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात् ॥
ॐ पार्थध्वजाग्रसंवासिने नमः
ॐ श्रीं ह्रीं भगवत्यै स्वाहा नेत्रयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: भगवती | लाभ: नेत्रों और सूक्ष्म दृष्टि की रक्षा | अर्थ: श्रीं ह्रीं स्वरूपा भगवती मेरे दोनों नेत्रों की रक्षा करें) 8
ॐ विराधवधपण्डिताय नमः