शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ रौद्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपकराल नरसिंह
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अत्यंत रौद्र (क्रोधित) स्वरूप वाले भगवान को नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अंतर्मन में स्थित पाप-प्रवृत्तियों और कुविचारों का भस्म होना
विस्तृत लाभ
अंतर्मन में स्थित पाप-प्रवृत्तियों और कुविचारों का भस्म होना।
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ग्लौं ॐ रामाय नमः
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अधो स्वर्णाकर्षण भैरवाय नमः अधो मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम् । अनायकैकनायकं विनाशितेभदैत्यकं नताशुभाशुनाशकं नमामि तं विनायकम् ॥