शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सामप्रियाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपसंगीत-प्रेमी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्हें सामवेद के गान अत्यंत प्रिय हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कला और संगीत में निपुणता
विस्तृत लाभ
कला और संगीत में निपुणता
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वेदस्य म आणीस्थः श्रुतं मे मा प्रहासीरनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधाम्यृतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि॥
ॐ सुभद्रापूर्वजाय नमः
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये अमृतं तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
भयार्तस्वजनत्राणतत्परं धर्मतत्परम्। गतगर्वप्रियं शूरं जमदग्निसुतुं मतम्॥
ॐ दैत्यकार्यविघातकाय नमः