शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सर्वदुःखहराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपदुःख-हर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
भक्तों के सभी शारीरिक और मानसिक दुखों को हरने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सर्ववर्णात्मिकायै पादयुग्मं सदाऽवतु। (स्वरूप: सर्ववर्णात्मिका | लाभ: दोनों पैरों की रक्षा | अर्थ: समस्त अक्षर-स्वरूपा देवी मेरे पैरों की रक्षा करें) 8
ॐ लोकसुन्दर्यै नमः
ॐ दैत्यदानवभञ्जनाय नमः
ॐ प्रणवरूपिणे नमः।
शिवेन वचसा त्वा गिरिशाच्छा वदामसि। यथा नः सर्वमिज्जगदयक्ष्मं सुमना असत्॥
ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः