शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सर्वैकपावनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपपरम पावन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सबको पवित्र करने वाले अद्वितीय देव हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पाप क्षय
विस्तृत लाभ
पाप क्षय
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं जय लक्ष्मी प्रियाय नित्य प्रमुदित चेतसे लक्ष्मी स्रितार्थ देहाय श्रीं ह्रीं नमः
ॐ जयिने नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कलमञ्जीरचरणायै नमः
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं पिङ्गलां पद्ममालिनीम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ॐ धूम्रवर्णाय हुं