शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सर्वस्वामिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपजगन्नाथ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चराचर जगत के स्वामी को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सांसारिक स्वामित्व और पूर्णता
विस्तृत लाभ
सांसारिक स्वामित्व और पूर्णता।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
ॐ हरकोदण्डखण्डनाय नमः
ॐ अपवर्गप्रदाय नमः
कविजिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहा मां वारुणेऽवतु। (अर्थ: कवियों की जिह्वा में बसने वाली देवी पश्चिम में रक्षा करें) 8
ॐ नमो आदेश गुरु को, सोने का कड़ा, तांबे का कड़ा, हनुमान वनगरेया सजे मोंढे आन खड़ा। शब्द सांचा पिंड काचा, फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ मैत्र्यै नमः