शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ सर्ववेदादये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपवेद उद्गम
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त वेदों के आदि स्रोत और ज्ञाता हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शास्त्र ज्ञान
विस्तृत लाभ
शास्त्र ज्ञान
जप काल
स्वाध्याय पूर्व
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
ॐ नृसिंहो मे शिरः पातु लोकरक्षार्थसंभवः
ॐ ह्रीं श्रीं वीर लक्ष्म्यै नमः।
ॐ रामकथालोलाय नमः
ॐ कल्पलतायै नमः
ज्ञानशक्तिधरः स्कन्दः वल्लीकल्याणसुन्दरः । देवसेनामनःकान्तः कार्तिकेयो नमोऽस्तु ते ॥