शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
घोर विपत्ति एवं संकट नाश हेतु
शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ 17
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
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कोर्ट-कचहरी, राजदंड, और घोर जीवन संकट से आश्रितों की रक्षा
विस्तृत लाभ
कोर्ट-कचहरी, राजदंड, और घोर जीवन संकट से आश्रितों की रक्षा।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शरणागतवत्सलाय नमः
ॐ श्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै महालक्ष्म्यै एह्येहि सर्वसौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
ॐ स्फटिकाभाय नमः
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
वेल् वेल् वेत्रिवेल् मुरुगनुक्कु अरोहरा
ॐ कबन्धवनवासिन्यै नमः