शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ शतकोट्यखिलाण्डादिमहाब्रह्माण्डनायकाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपब्रह्मांड-नायक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
करोड़ों ब्रह्मांडों के नायक को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन की क्षुद्र समस्याओं से ऊपर उठने की व्यापक दृष्टि
विस्तृत लाभ
जीवन की क्षुद्र समस्याओं से ऊपर उठने की व्यापक दृष्टि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः
ॐ भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवा । भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवांसस्तनूभिः । व्यशेम देवहितं यदायुः ॥
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि। विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
ॐ ओङ्काररूपिण्यै देव्यै नमः
ॐ यज्ञस्वरूपिणे नमः
सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥