शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
राधावल्लभ सम्प्रदाय गुरु-इष्ट मंत्र
ॐ श्री राधावल्लभाय हरिवंशप्रियाय नमो नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारगुरु-इष्ट मंत्र
स्वरूपराधारानी एवं श्री राधावल्लभ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो श्री हित हरिवंश के अत्यंत प्रिय हैं, उन श्री राधावल्लभ को बारंबार प्रणाम।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गुरु (हित हरिवंश) की कृपा से युगल निकुंज-लीला में प्रवेश और प्रेम रस की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
गुरु (हित हरिवंश) की कृपा से युगल निकुंज-लीला में प्रवेश और प्रेम रस की प्राप्ति 30।
जप काल
ध्यान और मानसी सेवा के समय 108 बार।
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