शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
ग्रीवा-स्कंध रक्षा मन्त्र
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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