शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
समृद्धि-विद्या मन्त्र
ॐ श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक सफलता मन्त्र
स्वरूपश्रीं (लक्ष्मी) और ह्रीं (शक्ति) युक्त ज्ञान-स्वरूपिणी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री (समृद्धि) और ह्रीं (शक्ति) से युक्त सरस्वती देवी को मैं नमन करता हूँ।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान के साथ-साथ धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति
02
यह विद्या और भौतिक सफलता दोनों का समन्वय करता है
विस्तृत लाभ
ज्ञान के साथ-साथ धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति। यह विद्या और भौतिक सफलता दोनों का समन्वय करता है।
जप काल
नित्य पूजा में सन्ध्या काल में।
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