माँ सरस्वती मंत्र
ॐ श्रीं कृष्णाय श्रीं श्रीं श्रीं गोविन्दाय गोपालय गोलोक सुंदराय...
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री कृष्ण, गोविंद, गोकुल के रक्षक, गोलोक के सुंदर स्वामी और परमतत्व को मेरा नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में दैवीय प्रेम, प्रचुरता, और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ पूर्ण तालमेल
विस्तृत लाभ
जीवन में दैवीय प्रेम, प्रचुरता, और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ पूर्ण तालमेल 27।
जप काल
विशेष अनुष्ठान या संकल्पित साधना के दौरान।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ बलोद्धताय नमः
राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे । राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे ॥
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीसरस्वती तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ वर्णाश्रमगुरवे नमः
ॐ विजयाय नमः