शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ स्थाणवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो स्तंभ के समान अचल और स्थिर हैं
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता
विस्तृत लाभ
विपरीत परिस्थितियों में दृढ़ता 81
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सुवर्णवेष्टितं चाङ्गे लक्ष्मीमन्त्रं शतक्रतो। तस्यायुषो भवेद् वृद्धिः सर्वत्र विजयी महान्॥
अनन्तकोटिविष्णुलोकनम्रपद्मजार्चिते हिमाद्रिजापुलोमजाविरिञ्चिजावरप्रदे। अपारसिद्धिरिद्धिदिग्दिगन्तकीर्तिदिगधमे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा। हृदयँ राखि कोसलपुर राजा॥
ॐ क्षीराब्धिशयनाय नमः
ॐ मणिपूरैकनिलयायै नमः
ॐ त्रिभङ्गिललिताकृतये नमः