शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
सुगं च मे शयनं च मे सूषा च मे सुदिनं च मे...
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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टिप्पणी
मेरी यात्रा सुखद हो, शयन सुखद हो, और मेरे दिन शुभ हों
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
ॐ नमः कालाय काल द्रष्ट्राय कराल वदनाय च
ॐ गोपालाय नमः
ॐ कर्पूरचन्दनोक्षितायै नमः
ॐ विराजे नमः।