ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ कूष्माण्डा ध्यान मंत्र

सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च। दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारध्यान मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

अपने हस्त-कमलों में अमृत से भरा कलश और रुधिर कलश धारण करने वाली माँ कूष्माण्डा मेरे लिए कल्याणकारी हों 17।

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