शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ स्वरूपाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपनिज-स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सदा अपने वास्तविक दिव्य स्वरूप (आत्मभाव) में स्थित रहते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आत्मबोध
विस्तृत लाभ
आत्मबोध
जप काल
ध्यान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ नमो भगवते रामचन्द्राय
ॐ हंसासनायै नमः
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महामीनाय धीमहि तन्नो मत्स्यः प्रचोदयात्।
ॐ कालिकायै नमः
ॐ नरनारायणात्मकाय नमः