ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

माँ सरस्वती मंत्र

तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकाररक्षा एवं शांति मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

वह (ब्रह्म-शक्ति लक्ष्मी) मेरी रक्षा करें, वक्ता की रक्षा करें। ॐ शांति।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

भौतिक, दैविक और आध्यात्मिक तापों से रक्षा

विस्तृत लाभ

भौतिक, दैविक और आध्यात्मिक तापों से रक्षा।

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