शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ त्रयीमूर्त्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपत्रयीमूर्ति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
तीनों वेदों की मूर्ति
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ऋग्, यजु और साम—तीनों वेदों के ज्ञान की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
ऋग्, यजु और साम—तीनों वेदों के ज्ञान की प्राप्ति
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ॐ भूधराधीशाय नमः।
ॐ हराय नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये देवीलक्ष्मीः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
ॐ यमलार्जुनभञ्जनाय नमः
ॐ भोजनाय नमः