माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वैशाखशुक्लभूतोत्थाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को प्रकट हुए, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
नरसिंह जयंती के पावन पर्व पर इस मंत्र के जप से अनंत पुण्यों की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
नरसिंह जयंती के पावन पर्व पर इस मंत्र के जप से अनंत पुण्यों की प्राप्ति।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
तेन स तत्क्षणादेव तुष्टा दत्ते महावरम्। येन पश्यति नेत्राभ्यां तत्प्रियं श्यामसुन्दरम्॥
ॐ भूतात्मने नमः
ॐ गुरुजी को आदेश गुरुजी को प्रणाम, धरती माता धरती पिता, धरती धरे ना धीर बाजे श्रृंगी बाजे तुरतुरी आया गोरखनाथ मीन का पूत मुंज का छड़ा लोहे का कड़ा हमारी पीठ पीछे यती हनुमंत खड़ा, शब्द सांचा पिंड काचा फुरो मंत्र ईश्वरो वाचा।
ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥ 16
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
सद्योजातं प्रपद्यामि सद्योजाताय वै नमो नमः। भवे भवे नातिभवे भवस्व मां भवोद्भवाय नमः॥