शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वज्रनखाय वज्रिणे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअस्त्र रक्षा
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वज्र के समान नख धारण करने वाले को नमस्कार है। (कवच का अस्त्र मंत्र)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ भक्ताकाराय नमः
ॐ पद्मनाभाय नमः
ॐ अचिन्त्याद्भुतरूपिण्यै नमः
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥
ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः।
व्यक्ताव्यक्तगिरः सर्वे वेदाद्या व्याहरन्ति याम्। सर्वकामदुघा धेनुः सा मां पातु सरस्वती॥ सौः देवीं वाचमजनयन्त देवास्ता विश्वरूपाः पशवो वदन्ति। सा नो मन्द्रेषमूर्जं दुहाना धेनुर्वागस्मानुपसुष्टुतैतु॥