शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ शैलपुत्री ध्यान मंत्र
वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारध्यान मंत्र
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मनवांछित लाभ के लिए मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली, वृषभ पर आरूढ़, शूलधारिणी यशस्विनी माँ शैलपुत्री की मैं वंदना करता हूँ 17।
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