शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वरेण्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपपूज्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सभी देवों और भक्तों द्वारा वरण (पूजने) योग्य हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सम्मान
विस्तृत लाभ
सम्मान
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दुर्गमविद्यायै नमः
ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ॥
ॐ परशुरामाय नमः
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशुतेजस्विनी, या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी।
ॐ कृष्णसञ्जीवन्यै राधायै नमः
ॐ लीलाविध्वस्तशकटाय नमः