शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वटुवेषभृते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपब्रह्मचारी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
ब्रह्मचारी का वेष धारण करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
इन्द्रिय-निग्रह (Sense control)
विस्तृत लाभ
इन्द्रिय-निग्रह (Sense control)।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ विघ्नराजाय नमः
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ जाम्बवत्प्रीतिवर्धनाय नमः
ॐ विकृत्यै नमः
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता। प्रसादं तनुते मह्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥
ॐ पुण्यात्मने नमः