शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ विभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वसमर्थ प्रभु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने संकल्प मात्र से कुछ भी करने में समर्थ (विभु) हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सामर्थ्य
विस्तृत लाभ
सामर्थ्य
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते। भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥
ॐ श्री राधायै स्वाहा
ॐ संसारवैरिणे नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ नारसिंह-वपुषे नमः
ॐ भगनेत्रभिदे नमः