शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ विपुलांसाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपविशाल कंधे
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनके कंधे अत्यंत पुष्ट, चौड़े और बलशाली हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बल प्राप्ति
विस्तृत लाभ
बल प्राप्ति
जप काल
नित्य
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गीतामृतमहोदधये नमः
दुर्गे देवि नमस्तुभ्यं सर्वकामार्थसाधिके। मम सिद्धिमसिद्धिं वा स्वप्ने सर्वं प्रदर्शय॥
ॐ चक्रराजाय स्वाहा – हृदयाय नमः
राकायां च सिताष्टम्यां दशम्यां च विशुद्धधीः। एकादश्यां त्रयोदश्यां यः पठेत्साधकः सुधीः॥
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
ॐ माधवप्रियायै नमः