शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ वृषाकपये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपधर्म-रक्षक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
धर्म (वृष) की रक्षा करने वाले देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति
विस्तृत लाभ
धर्म के मार्ग पर चलने की शक्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मारुतात्मजाय नमः
ॐ महाभद्रायै नमः
उदीच्यां भीषण भैरवाय नमः उदीच्यां मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ कलानन्दायै नमः
ॐ द्रुमाय नमः
मुनीन्द्रवृन्दवन्दिते त्रिलोकशोकहारिणि प्रसन्नवक्त्रपङ्कजे निकुञ्जभूविलासिनि। व्रजेन्द्रभानुनन्दिनि व्रजेन्द्रसूनुसङ्गते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥ मुनीन्द्र-वन्दिते (ऋषियों द्वारा वंदित)