ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

शिव तनुर्ध्यान मंत्र

या ते रुद्र शिवा तनूरघोराऽपापकाशिनी। तया नस्तनुवा शन्तमया गिरिशन्ताभिचाकशीहि॥

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारवैदिक उपासना मंत्र
स्वरूपगिरिशंत (कैलास पर्वत पर स्थित शांत शिव)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

हे भगवान रुद्र! आपके उस अत्यंत शांत रूप से, जो पापनाशक, मंगलकारी और आनंददायक है, हमें आत्मज्ञान प्रदान करें और हम पर दृष्टि डालें 38।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

सर्वोच्च ज्ञान की प्राप्ति, पापों का नाश और परमानंद की अनुभूति

विस्तृत लाभ

सर्वोच्च ज्ञान की प्राप्ति, पापों का नाश और परमानंद की अनुभूति 37।

जप काल

ध्यान के समय।

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