शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
माँ सरस्वती मंत्र
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये नक्षत्राणि तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारऔपनिषदिक ध्यान मंत्र।
स्वरूपनक्षत्र स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो आकाश के समस्त नक्षत्र स्वरूप हैं, उन राम को नमन।
जप काल
ध्यान-साधना, मोक्ष-कामना हेतु एकांत में मानसिक जप।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36
ॐ महोदराय विद्महे महाजठराय धीमहि । तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
ॐ अपरिच्छेद्याय नमः
ॐ कच्छपेशाय विद्महे महाकूर्माय धीमहि तन्नो कूर्मः प्रचोदयात्।
ॐ सुधामूर्त्यै नमः
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः