शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ अव्ययाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनका कभी क्षय (विनाश) नहीं होता
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आयु, आरोग्य और ऊर्जा का संचय
विस्तृत लाभ
आयु, आरोग्य और ऊर्जा का संचय 77
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पुरारातये नमः
गजेन्द्रवदनं साक्षाच्चलकर्ण सुचामरम् । हेमवर्णं चतुर्बाहुं पाशाङ्कुशधरं वरम् ॥ स्वदन्तं दक्षिणे हस्ते सव्ये त्वाम्रफलं तथा । पुष्करे मोदकं चैव धारयन्तमनुस्मरेत् ॥
ॐ कृष्णायै नमः
ॐ वरपूर्णामृतोदधये नमः
जो पापों का हरण करने वाले साक्षात् भगवान हरि (विष्णु) स्वरूप हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: पाप-नाश) 19।
ॐ भ्रां भ्रां भ्रां भैरवाय नमः।