शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ बलवते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपअनन्त बल-सम्पन्न
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
असीमित बल से युक्त भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
शारीरिक-मानसिक बल
विस्तृत लाभ
शारीरिक-मानसिक बल
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कच्छपेशाय विद्महे महाकूर्माय धीमहि तन्नो कूर्मः प्रचोदयात्।
ॐ नमो भगवते नरसिंहाय नमस्तेजस्तेजसे आविराविर्भव वज्रनख वज्रदंष्ट्र कर्माशयान् रन्धय रन्धय तमो ग्रस ग्रस ॐ स्वाहा। अभयमभयमात्मनि भूयिष्ठा ॐ क्ष्रौम्॥
ॐ गौर्यै नमः
ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः
जो अत्यंत तेजस्वी और महाप्रतापी हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: व्यक्तित्व में तेज और ओज की वृद्धि) 19।
ॐ पिङ्गलाक्षाय नमः