शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ नन्दगोपप्रियात्मजाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपनन्द कुमार
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
नन्द गोप के अतिप्रिय पुत्र को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
घर में मंगल हेतु
विस्तृत लाभ
घर में मंगल हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय ऊर्ध्व मुखे। हयग्रीवाय सकल जन वशीकरणाय स्वाहा॥
ॐ यमबाधाविनाशिन्यै नमः
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ।
ॐ परमेश्वर्यै नमः
ॐ दीनसाधकाय नमः
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।