शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
भूत-भविष्य दर्शन मंत्र
ॐ ह्रीं बटुकाय मम भूत भविष्यं दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक कार्य-सिद्धि मंत्र
स्वरूपबटुक भैरव
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हे बटुक, मुझे भूत और भविष्य का दर्शन कराएं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
त्रिकाल दर्शन की क्षमता हेतु
विस्तृत लाभ
त्रिकाल दर्शन की क्षमता हेतु।
जप काल
एकांत में 11 माला जप 11।
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